बढ़ते रहना लक्ष्य पर अब नजर नहीं आता बढ़ते रहना लक्ष्य पर अब नजर नहीं आता
वापसी पर वापसी पर
पायेगा कामयाबी का शहर अपने लक्ष्य पर रख तू नजर पायेगा कामयाबी का शहर अपने लक्ष्य पर रख तू नजर
पर समझने वाला कौन वहाँ कभी बैठे, किस्मत को कोसे, कभी फड़फड़ाते, परों को रोके..... पर समझने वाला कौन वहाँ कभी बैठे, किस्मत को कोसे, कभी फड़फड़ाते, परों को रोके.....
तनिक भी न हम घबराएं दे और शान्त मन परीक्षा, सदा ही पढ़ी और सुनी है हम सबने ही ये शिक्ष तनिक भी न हम घबराएं दे और शान्त मन परीक्षा, सदा ही पढ़ी और सुनी है हम सबने ही...
वो जो झील को अपनी दोनों आँखों में रखती है , वो ही तो गुलाबों को अपने दोनों रूख़ वो जो झील को अपनी दोनों आँखों में रखती है , वो ही तो गुलाबों को अप...